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World TB Day…उज्जैन जिले में कुल 4242 टीबी के मरीज जिनमें 34 मरीज लास्ट स्टेज पर पहुंचे….
टीबी को हराने के लिये दो मरीजों को दी 27 लाख रुपये की दवा की किट..
उज्जैन।आज वल्र्ड टीबी डे है। सरकार द्वारा लोगों में जागरूकता और टीबी से बचाव के उपाय बताने के साथ देश से टीबी रोग का समूल नाश करने का अभियान चला रही है।
सुबह जिला चिकित्सालय परिसर स्थित टीबी हास्पिटल में टीबी की लास्ट स्टेज पर पहुंच चुके दो मरीजों को 27 लाख रुपये की दवा की कीट दी गई। डॉक्टर का कहना है कि पहले दो सप्ताह इन मरीजों को भर्ती रखकर दवा लेने की ट्रेनिंग दी जायेगी उसके बाद दवा लेकर घर जा सकते हैं।
विधायक पारस जैन, सिविल सर्जन, आरएमओ और जिला अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में टीबी मुक्त भारत 2025 का शुभारंभ हुआ। इस दौरान अतिथियों ने टीबी के उपचार संबंधी जानकारी दी। अतिथियों ने अस्पताल स्टाफ की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहीद पार्क पर सम्पन्न हुई।
टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय मरमट ने बताया कि लंबे समय तक खांसी होने पर लोगों को टीबी की जांच अवश्य कराना चाहिये। जिले में कुल 4242 टीबी के मरीज हैं जिनमें 3713 फेफड़ों की टीबी व अन्य से 495 बाल रोगी और 34 एमडीआर मरीज हैं।
डॉ. मरमट ने बताया कि लास्ट स्टेज पर पहुंच चुके शांति नगर और किशनपुरा के दो मरीजों को क्रमश: 13 लाख 50 हजार की टीबी दवा की कीट दी गई है। इन मरीजों को फिलहाल 14 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखकर दवा लेने की ट्रेनिंग दी जायेगी उसके बाद यह मरीज किट लेकर घर जा सकते हैं।
एनटीईपी कार्यक्रम में यह सुविधाएं
टीबी रोग के उपचार के दौरान प्रत्येक टीबी मरीज को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण हेतु प्रदाय किये जाते हैं।
संभावित टीबी मरीज को अस्पताल लाने वाले को भी शासन द्वारा 500 रुपये मानदेय प्रदाय किया जाता है।
आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, टीबी चैंपियन यदि 6 माह तक टीबी मरीज का अपनी निगरानी में उपचार देते हैं तो एक हजार से पांच हजार का इन्सेटिव प्रदाय किया जाता है।
ड्रग रजिस्टेंट टीबी मरीज को डीडीआर टीबी, नोडल डीआरटीबी सेंटर पर फालोअप हेतु आने जाने का यात्रा भत्ता उपचार के दौरान प्रदाय किया जाता है।